Sai Amritwani
Wednesday, March 13, 2013
Friday, February 1, 2013
Monday, January 14, 2013
झीनी झीनी बीनी चदरिया
झीनी झीनी बीनी चदरिया॥
काहे कै ताना काहे कै भरनी
कौन तार से बीनी चदरिया॥ १॥
इडा पिङ्गला ताना भरनी
सुखमन तार से बीनी चदरिया॥ २॥
आठ कँवल दल चरखा डोलै
पाँच तत्त्व गुन तीनी चदरिया॥ ३॥
साँ को सियत मास दस लागे
ठोंक ठोंक कै बीनी चदरिया॥ ४॥
सो चादर सुर नर मुनि ओढी
ओढि कै मैली कीनी चदरिया॥ ५॥
दास कबीर जतन करि ओढी
ज्यों कीं त्यों धर दीनी चदरिया॥ ६॥
Friday, January 11, 2013
Saturday, December 29, 2012
हे नाथ तुम्हारे चरणों में जीवन जीने की चाहत है
हे नाथ तुम्हारे चरणों में जीवन जीने की चाहत है,
हे प्रभु आप बिन सब सूना बस आप की मुझको आदत है
लीला तेरी कितनी सुन्दर, वो ग्वाल वाल, माखन चोरी
मैया से जाना रूठ-२, सो जाना सुन सुन्दर लोरी"
वो गोकुल कि रक्षा कर इंद्र प्रकोप से उसे बचाना
वो गोवर्धन पर्वत को अपनी इक ऊँगली पे उठाना
सुन्दर छवि प्यारे कृष्ण और बंशी की धुन प्यारी-२
गोपी संग श्यामा न्रत्य करें, राधा जाए वारी-२
वो शेषनाग के मुंह से लाना गेंद वाह लीला न्यारी
वो छेड़ सुदामा न्रत्य करें, राधा जाए वारी-२
वो कंस और उसकी सेना को धराशाई पल में करना
वो मथुरा नगरी को उसके चंगुल से क्या स्वतंत्र करना
हे कृष्ण देव देवाधि देव क्या सुन्दर बातें खूब कहीं
गीता का सुन्दर ज्ञान सखा अर्जुन को देना खूब सही
हर पल, हर घडी याद आयें तेरी लीला रास-रचैया
तेरे चरणों में ये जीवन बस पार लगाओ नैया..
Thursday, November 29, 2012
Sunder Kand By Anuradha Paudwal - Shree Hanuman Amritwani
Sunder Kand By Anuradha Paudwal - Shree Hanuman Amritwani
Durga Saptshati Full In Hindi By Anuradha Paudwal I Navdurga Stuti
Durga Saptshati Full In Hindi By Anuradha Paudwal I Navdurga Stuti
Tuesday, September 18, 2012
Tuesday, September 11, 2012
दीवाना हो कबीरा सा दीवानी हो तो मीरा सी
मोहब्बत मांगती है ये दुआ अब हाथ फैलाती
दीवाना हो कबीरा सा दीवानी हो तो मीरा सी
कबीरा ने मोहब्बत में खुदी का घर जला डाला
तो मीरा ने मोहब्बत में पिया हंस कर ज़हर प्याला
कबीरा नाम मस्ताना भजे हरि नाम दिन राती
तो नाचे बावरी मीरा श्याम धुन में हो मदमाती
कबीरा हाथ करतल थे तो मीरा हाथ वीणा थी
दीवाना हो... कबीरा सा दीवानी हो तो मीरा सी
कबीरा जो बुने चादर भिगो दे राम के रस में
दिखाई पड़ते मीरा को श्याम हर एक आहट में
खुमारी नाम की कबिरा चढ़ाए रात दिन रहता
तो दिल बेचैन मीरा का हमेशा श्याम बिन रहता
ये बाते हैं इबादत की समझ सबको नही आती
दीवाना हो.... कबीरा सा दीवानी हो तो मीरा सी
कबीरा यूँ हुआ पागल सभी को राम कहता था
तो मीरा की नज़र में भी हमेशा श्याम रहता था
कबीरा पिय से मिलने के रोज सपने सजाता था
तो मीरा को बिछड़ने का पिया से गम सताता था
कबीरा नाम का प्रेमी तो मीरा दर्द की प्यासी
दीवाना हो... कबीरा सा दीवानी हो तो मीरा सी
कबीरा याद में प्रभु की सरे बाज़ार रोता था
रास मीरा का मोहन संग भरे दरबार होता था
ये दोनों ही दीवानों में है एक रिश्ता बड़ा प्यारा
कबीरा प्रेम का सागर तो मीरा प्रेम की धारा
मेरे सद्गुरु श्री "ओशो" की है वाणी भी यही गाती
दीवाना हो.... कबीरा सा दीवानी हो तो मीरा सी
Sunday, July 22, 2012
Sunday, May 20, 2012
Friday, May 4, 2012
Thursday, April 12, 2012
Saturday, March 31, 2012
शिव नाम से है जगत मे उजाला
शिव नाम से है जगत मे उजाला...
हरि भक्तों के है मन मे शिवाला...
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ...
तीनो लोक में तू ही तू..
श्रद्धा सुमन मेरा मन देह पत्री
जीवन भी अर्पण कर दूँ...
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ...
तीनो लोक में तू ही तू..
श्रद्धा सुमन मेरा मन देह पत्री
जीवन भी अर्पण कर दूँ...
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ...
तीनो लोक में तू ही तू..
जग का स्वामी है तू अंतर्यामी है तू..
मेरे जीवन की अनमीत कहानी है तू....
तेरी शक्ति अपार तेरा पावन है द्वार...
तेरी पूजा ही मेरा जीवन आधार....
धूल तेरे चरणों की लेकर...
जीवन को साकार किया....
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ...
तीनो लोक में तू ही तू..
मन मे है कामना ...
कुछ मै और जानू ना....
जिंदगी भर करूँ तेरी आराधना...
सुख की पहचान दे तू मुझे ज्ञान दे ...
प्रेम सबसे करूँ ऐसा वरदान दे...
तुने दिया बल निर्बल को...
अज्ञानी को ज्ञान दिया....
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ...
तीनो लोक में तू ही तू..
श्रद्धा सुमन मेरा मन देह पत्री
जीवन भी अर्पण कर दूँ...
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ...
तीनो लोक में तू ही तू..
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